टेक्नॉलजी सेक्टर में अगले साल 1.8 लाख नई नौकरियां मिलेंगी

बेंगलुरु
डोमेस्टिक टेक्नॉलजी सेक्टर की हायरिंग में अगले वित्त वर्ष लगभग 10% बढ़ोतरी हो सकती है। इसमें ग्लोबल कंपनियों और घरेलू सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर्स के इन-हाउस टेक्नॉलजी सेंटर्स में हायरिंग भी शामिल है। यह बात एंट्री लेवल जॉब्स में लगातार बढ़ोतरी दर्ज करने वाले रिक्रूटमेंट प्रफेशनल्स कह रहे हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स 177 अरब डॉलर के घरेलू IT और BPM सेक्टर में इस फिस्कल कुल 1.8 लाख प्रफेशनल्स की भर्ती होने का अनुमान दे रहे हैं। उनका मानना है कि अगले फिस्कल ईयर में दो लाख ज्यादा इंजिनियर्स और ग्रैजुएट्स की भर्ती हो सकती है।

बेंगलुरु की स्टाफिंग कंपनी एक्सफेनो के को-फाउंडर कमल कारंत ने ईटी को बताया, 'एक से पांच साल का अनुभव रखने वाले प्रफेशनल्स की भर्ती से हायरिंग ग्रोथ में नियमितता बनी रह सकती है। सबसे ज्यादा भरती मल्टिनैशनल कंपनियों की इंडियन टेक्नॉलजी यूनिट्स में हो सकती है।' उन्होंने कहा कि हायरिंग को खासतौर पर ग्लोबल कंपनियों के मौजूदा और नए टेक्नॉलजी सेंटर से बढ़ावा मिल सकता है। एक्सफेनो के एस्टिमेट के मुताबिक टेक्नॉलजी सर्विसेज कंपनियों के साथ रीबैजिंग कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए पिछले 12 से 18 महीनों में ऐसी लगभग 30 कैप्टिव यूनिट्स इंडिया में लगी हैं।

रीबैजिंग में आईटी सर्विसेज वेंडर अपनी क्लाइंट की बिजनस यूनिट और उसके एंप्लॉयीज को अपने कंट्रोल में ले लेते हैं। एक यूरोपियन बैंक के भारत में चल रहे टेक्नॉलजी सेंटर के सीनियर एग्जिक्यूटिव ने कहा, 'इंडिया में तरह-तरह के स्किल वाले प्रफेशनल्स हैं। यह हमारी तरफ से अगले दो-तीन साल तक यहां की कैप्टिव यूनिट्स में ज्यादा भरती किए जाने की बड़ी वजहों में एक होगी। उन्होंने कहा, 'कुछ कंपनियां इंडिया जैसे इमर्जिंग मार्केट्स में अपने ऑफिस के कंसॉलिडेशन के लिए बड़े पैमाने पर भरती कर रही हैं।'