सुकन्या समृद्धि योजनाः पीएम मोदी की ओर से खाते में रुपये भेजने की उड़ी अफवाह

 बेतिया(प.च.) 
सुकन्या समृद्धि योजना के नाम पर बेटियों के लिए दो-दो लाख रुपये खाते में केन्द्र की मोदी सरकार की ओर से भेजे जाने की अफवाह जिले में उड़ी है। दलाल गांव-गांव घूमकर फॉर्म बेच रहे हैं। वे लोगों को फॉर्म भरकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, शास्त्रीनगर, नई दिल्ली को भेजने पर रुपये खाते में आने की बात समझा रहे हैं। इस पर बेतिया समेत जिले के डाकघरों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। शुक्रवार को लोगों की भीड़ के कारण बेतिया हेडपोस्ट ऑफिस में स्पीड पोस्ट के लिए दो काउंटर अलग से खोलने पड़े। हेड पोस्टमार्टर रामकिशोर प्रसाद ने बताया कि समझाने के बाद भी लोग नहीं मान रहे हैं। सुरक्षा व मामले में कार्रवाई को लेकर डीएम को पत्र लिखा जाएगा।

जानकारी के अनुसार मात्र एक फॉर्म भरने पर केंद्र सरकार से बेटियों के खाते में दो-दो लाख रुपये मिलने की अफवाह उड़ी है। सैकड़ों की संख्या में लोग फॉर्म भरकर महिला एवं बाल विकास, नई दिल्ली को रजिस्ट्री करने पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को हेड पोस्ट ऑफिस के बाहर पूरे दिन रजिस्ट्री कराने वालों की लाइन लगी रही। हालांकि महिला व बाल विकास मंत्रालय ने तीन मई 2019 को ही अपनी वेबसाइट पर इस फर्जीवाड़े को ले एडवाइजरी जारी की है।
रविवार से यह खबर जिले के जगदीशपुर, मझौलिया, योगापट्टी, बैरिया, नौतन, चनपटिया, लौरिया प्रखंड में फैलनी शुरू हुई कि केंद्र सरकार की ओर से 'बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ योजना' के तहत दो-दो लाख रुपये बैंक खाते में भेजे जाएंगे। फॉर्म पर यह योजना आठ से 22 वर्ष तक की बेटियों के लिए बताई गई।

रामकिशोर प्रसाद, पोस्टमाटर, मुख्य डाकघर बेतिया ने बताया कि शुक्रवार की सुबह से अचानक स्पीड पोस्ट करने वाले लोगों की संख्या बढ़ गयी है। आज एक हजार से ज्यादा स्पीड पोस्ट किया गया है। अफवाह के कारण लोग फॉर्म भेज रहे है।

डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे, डीएम, प.चम्पारण ने बताया कि अफवाह को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी की जा रही है। लोगों से अफवाह में नहीं पड़ने की अपील की जा रही है। अफवाह उड़ाने में शामिल लोगों की पहचान की  जाएगी। पकड़े जाने पर वैसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

मिलेगा तो चार लाख, जाएगा तो मात्र 84 रुपया

चनपटिया प्रखंड के यादोछापर गांव से कड़ाके की ठंड में दो फॉर्म लेकर स्पीड पोस्ट करने पहुंची शीला देवी (60) कहती है कि इसमें क्या दिक्कत है। पैसा मिल रहा होगा तो मुझे भी दो बेटियों के लिए मिलेगा। नहीं तो 84 रुपया बर्बाद होगा। वहीं बैरिया के बगही कानू टोला से पहुंची नुशायदा नेशा तथा शीला देवी ने बताया कि गांव में बताया गया है कि योजना का लाभ लेने के लिए फॉर्म एक लिफाफे में रखकर भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय शांति भवन, नई दिल्ली के पते पर भेजना होगा। 20 रुपये में गांव में ही फॉर्म मिल रहा है। फॉर्म के साथ लड़की की तस्वीर, आधार कार्ड व बैंक खाते का डिटेल्स तथा शैक्षणिक योग्यता भरकर भेजनी पड़ रही है। दो-दो लाख रुपये मिलने की बात सुन सुबह ही शहर के आसपास के गांवों में लोग जनप्रतिनिधियों के पास पहुंचने शुरू हो गए। कुछ लोगों ने फार्म को प्रमाणित करा लिया था।

गांव से शहर तक की दुकानों पर बिक रहा फॉर्म

फॉर्म शहर से लेकर गांव तक के दुकानों पर मिल रहे थे, जो कुछ ही देर में खत्म हो गए। इसके बाद फोटोस्टेट प्रति भरी जाने लगीं। शिवराजपुर से आयी मंजू देवी ने कहा कि सब कोई फॉर्म भरकर जमा कर रहा है तो हम लोगों को जमा करने में क्या दिक्कत है। इसी तरह की बात बैरिया से आए रामरूप साह, मझौलिया के रतनमाला से आए सत्यनारायण साह, नौतन के अफताब आलम ने कही।

कहां से फैली खबर किसी को पता नहीं

दो-दो लाख रुपये मिलने की खबर कहां से फैलनी शुरू हुई यह किसी को पता नहीं है। एक फोटो स्टेट मशीन के संचालक का कहना था कि उसके पास कुछ लोग फॉर्म फोटो स्टेट कराने आए थे। वाल्मीकिनगर में भी कुछ दिन पहले यह अफवाह उड़ी थी।

महिला व बाल विकास मंत्रालय ने जारी की है चेतावनी

'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के नाम पर चलाई जा रही फर्जी योजनाओं के खिलाफ चेतावनी में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि मंत्रालय के  संज्ञान में आया है कि कुछ अनाधिकृत साइटें/संगठन/एनजीओ 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत नकद प्रोत्साहन राशि के नाम पर फॉर्म वितरित कर रहे है। इस योजना में भारत सरकार की ओर से व्यक्तिगत 'नकद हस्तानांतरण घटक' के लिए कोई प्रावधान नहीं है। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत सामाजिक व्यवस्था में बेटियों के प्रति रूढ़ीवादी मानसिकता बदलना, पीसी और पीएनडीटी अधिनियम को सख्ती से लागू करना और बालिकाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसके तहत जीवन चक्र निरंतरता के आधार पर महिला सशक्तीकरण से जुडे़ मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह कोई डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तानांतरण) योजना नहीं है। यह एक अत्यंत गंभीर मसला है और अगर आपको किसी ऐसी घटना के बारे में जानकारी मिलती है तो कृपया इस बारे में निकटतम पुलिस स्टेशन  और संबंधित जिला कलेक्टर/जिला मस्जिट्रेट को सूचित करें। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने लोगों को इस तरह की धोखाधड़ी करने वालों के जाल में न फंसने की सलाह दी है। मंत्रालय ने लोगों को ये भी सलाह दी है कि वे इस संबंध में अपने व्यक्तिगत विवरण को किसी से भी साझा न करें।