नर्सरियों को सेल्फ सेन्सटेविल थीम पर विकसित किया जाये : उद्यानिकी मंत्री श्री कुशवाह

भोपाल
प्रदेश में उद्यानिकी विभाग द्वारा विकसित की जा रही हाईटेक नर्सरियों को सेल्फ सेन्सटेविल मॉडल पर विकसित किया जाये। यह निर्देश उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिये। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि प्रदेश में उद्यानिकी फसलों की विपुल संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कृषकजन को उन्नत बीज के स्थान पर उन्नत किस्म के पौधे उपलब्ध कराये जाना चाहिये। नर्सरियों को आत्म-निर्भर बनाने के लिये आय के आधार पर प्रत्येक नर्सरी को एक रिवाल्विंग फण्ड दिया जाना चाहिये, जिससे वह अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर सके। बैठक में संचालक उद्यानिकी श्री बी.एस. सिंह, प्रबंध संचालक एम.पी. एग्रो श्री दिलीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में शीघ्र राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जायेगी। इसमें उद्यानिकी के काम आने वाले सभी सेक्टर की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कृषक भाईयों को शासन की योजनाओं और ऋण प्रकरण के लिए बैंकर्स को भी आमंत्रित किया जाएगा।

मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि के सकल घरेलू उत्पाद में प्रदेश की उद्यानिकी फसलों की भागीदारी 11.37 प्रतिशत है। इसको बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। इसके लिए किसानों को उद्यानिकी फसलों के लिये प्रेरित किया जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि विभाग की फ्लेगशिप स्कीम हाईटेक नर्सरी विकास की नियमित मॉनीटरिंग वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाये। मंत्री श्री कुशवाह ने निर्देश दिये कि एम.पी. एग्रो से गेंदे के साथ-साथ अन्य पुष्प कच्ची गुलदावदी, गिलार्डिया, एस्टर की भी दरें निर्धारित की जायें। उन्होंने ग्वालियर जिले के खुरेरी ग्राम में विकसित की जा रही हाईटेक फ्लोरी कल्चर नर्सरी का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाये। उन्होंने ग्वालियर व्यापार मेले में खाद्य प्र-संस्करण पर आधारित प्रदर्शनी लगाने के निर्देश भी दिये हैं। मंत्री श्री कुशवाह ने उद्यानिकी फसल उत्पादन के अनुसार जिले में खाद्य प्र-संस्करण यूनिट स्थापना का मॉडल विकसित करने के निर्देश भी दिये।

रीवा के राजस्व विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर: बिना किसी सरकारी आदेश के बदल दिया गया किसान की जमीन का नक्शा, RTI में हुआ सनसनीखेज खुलासा सिरमौर/रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के तहसील सिरमौर अंतर्गत ग्राम पिपरी में राजस्व अभिलेखों के साथ गंभीर छेड़छाड़ और ‘डिजिटल फर्जीवाड़े’ का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान की निजी भूमि का नक्शा बिना किसी आवेदन, बिना किसी सक्षम न्यायालय के आदेश और बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के कंप्यूटर रिकॉर्ड (पोर्टल) पर बदल दिया गया है। क्या है पूरा मामला? ग्राम पिपरी निवासी आशीष मिश्रा (पिता श्री सम्पत प्रसाद मिश्रा) ने अपनी आराजी क्रमांक 88/1 एवं 88/2 के नक्शे में हुई संदिग्ध तरमीम (संशोधन) को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। महीनों के चक्कर लगवाने और प्रथम अपील के बाद जो जवाब विभाग से मिला, उसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI में विभाग ने खुद स्वीकारी ‘अंधेरगर्दी’: लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार वृत्त बैकुण्ठपुर ने अपने लिखित प्रतिवेदन (पत्र क्रमांक 292/2026 दिनांक 06/02/2026) में स्वीकार किया है कि: कंप्यूटर नक्शे में तो तरमीम (बदलाव) दिख रहा है, लेकिन मूल पटवारी नक्शा शीट (Field Map) में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्व अभिलेखों (खसरा आदि) में इस तरमीम से संबंधित कोई भी प्रविष्टि दर्ज नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग को यह भी नहीं पता कि यह बदलाव किस वर्ष में हुआ और किस अधिकारी के आदेश से किया गया। यानी बिना किसी फाइल और बिना किसी आदेश के रातों-रात कंप्यूटर पर नक्शा बदल दिया गया। पीड़ित का आरोप: “राजस्व अमले की मिलीभगत से हुआ खेल” पीड़ित आशीष मिश्रा का कहना है कि उन्होंने इसके लिए दो बार आवेदन दिए और कई बार अधिकारियों के चक्कर काटे। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और संबंधित राजस्व कर्मचारियों ने निजी स्वार्थ के चलते अभिलेखों में कूट-रचना (Forgery) की है। पीड़ित ने अब एसडीएम सिरमौर से मांग की है कि इस अवैध तरमीम को तत्काल निरस्त किया जाए और उन दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए जिन्होंने सरकारी पोर्टल के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है। अधिकारियों की चुप्पी: बिना आदेश के नक्शा बदलने का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ‘डिजिटल सेंधमारी’ को सुधारता है या फिर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय (High Court) की शरण लेंगे। संपर्क हेतु (Contact Info): आशीष मिश्रा (पीड़ित) ग्राम पिपरी, तहसील सिरमौर, रीवा मोबाइल: 8959446240

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