भारत की रणनीति बनी PAK की हार की वजह, ऑपरेशन सिंदूर में दागे गए थे गिने-चुने हथियार

नई दिल्ली

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मई महीने में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। वहां और पीओके में रहने वाले 100 से ज्यादा आतंकियों को हवाई हमलों में ढेर कर दिया गया। साथ ही, कई एयरबेस भी तबाह किए गए। वायुसेना उप प्रमुख नर्मदेश्वर तिवारी ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा नया खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि इस ऑपरेशन के दौरान भरत को सिर्फ 50 से भी कम हथियार दागने पड़े थे। महज इतने हथियारों से ही पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए और सीजफायर की गुहार लगाने लगा।

एनडीटीवी से बात करते हुए एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी ने कहा कि पाकिस्तान को सीजफायर की टेबल तक लाने के लिए भारतीय वायुसेना को 50 से भी कम हथियार दागने पड़े। उन्होंने कहा, ''प्रस्तुत विकल्पों की सूची में से हमारे पास बड़ी संख्या में टारगेट सेट्स थे और 9 ठिकानों को टारगेट किया। हमारे लिए मुख्य बात यह थी कि 50 से भी कम हथियारों के साथ सीजफायर हुआ। इसलिए यही वह महत्वपूर्ण बात है, जिसे मैं आपको समझाना चाहता हूं।''

उन्होंने आगे कहा, ''किसी भी युद्ध को शुरू करना काफी आसान होता है, लेकिन उसे खत्म करना आसान नहीं होता। यह बात ध्यान में रखने योग्य है, ताकि हमारी सेना सक्रिय रहे, तैनात रहे और वे किसी भी संभावित स्थिति के लिए तैयार रहें।" उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का क्रेडिट भारत की एकीकृत वायुकमान और नियंत्रण प्रणाली (IACCS) को दिया जो आक्रामक और रक्षात्मक दोनों ही अभियानों की रीढ़ रही। इसी सिस्टम ने भारत को कड़ा जवाब देने में सक्षम बनाया और इसके चलते पाकिस्तान ने सीजफायर की मांग की।
क्यों और कब हुआ था ऑपरेशन सिंदूर

22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकियों ने भारतीय पर्यटकों को करीब से गोली मारी थी, जिसमें 26 की जान चली गई थी। इससे पूरे देशभर में गुस्सा था। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पहले सिंधु जल संधि को रद्द करने समेत कई फैसले लिए और फिर सात मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाते हुए पाकिस्तान और पीओके के 9 ठिकानों पर हवाई हमले कर दिए। इसमें 100 से ज्यादा आतंकी मार गिराए गए, जिसमें लश्कर और जैश के अहम आतंकी भी शामिल थे। इसके बाद भारत-पाक के बीच तनाव बढ़ गया। पाक ने भी तुर्किए के ड्रोन की मदद से भारत पर जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारत ने सभी को नाकाम कर दिया। इसके बाद फिर से भारत ने पाकिस्तान पर हवाई हमले करके वहां के कई एयरबेस को ध्वस्त कर दिया। चार दिनों तक चरम पर तनाव रहने के बाद आखिरकार पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की मांग की और दोनों देशों में इसके लिए सहमति बन सकी।

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