February 17, 2026

मयंक और आतंकियों का रहस्य खुला, एटीएस को मिले अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर लिंक

रांची
अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर झारखंड लाया गया अंतरराष्ट्रीय अपराधी सह कुख्यात अमन साव गिरोह के अपराधी सुनील सिंह मीणा उर्फ मयंक सिंह का पाकिस्तानी आतंकियों से भी संबंध खंगाला जा रहा है।

झारखंड पुलिस का आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) छानबीन में जुटा है। अब तक की जांच में किसी आतंकी संगठन से उसकी साठगांठ तो नहीं मिले हैं, लेकिन मयंक ने जिन हथियारों की आपूर्ति पाकिस्तान से करवाई है, वैसे हथियार वहां के आतंकी उपयोग में लाते रहे हैं।

इस बिंदु पर एटीएस की छानबीन जारी है। एटीएस के अधिकारी जल्द ही मयंक सिंह की निशानदेही पर पंजाब में उस जगह का भी सत्यापन करेंगे, जहां पाकिस्तानी ड्रोन से हथियार पहुंचाए गए थे। एटीएस को पूछताछ में उसने बताया है कि उसे पाकिस्तान के पेशावन से हथियार की आपूर्ति पंजाब में की जाती थी। इसके बाद पंजाब से सड़क व रेलमार्ग से वे हथियार झारखंड पहुंचाए गए थे। एटीएस भारत में सक्रिय रहे आतंकी संगठन अलकायदा इंडिया सब कंटिनेंट (एक्यूआइएस), लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के सहयोगियों से मयंक के रिश्ते की जानकारी जुटा रही है।

आतंक फैलाने की साजिश रचने आदि से संबंधित मामलों में मयंक सिंह पर यूएपी अधिनियम के तहत भी कानूनी कार्रवाई होगी। उसने इंटरनेट काल कर मलेशिया में बैठकर भारत के कारोबारियों से रंगदारी मांगी व धमकी दी थी।

इसमें उसे तीन कुख्यात अपराधियों लारेंस विश्नोई, अनमोल विश्नोई व गोल्डी बरार ने सहयोग किया।लारेंस विश्नोई को अमन साव के अन्य गुर्गों ने मोबाइल नंबर व अन्य सूचना उपलब्ध कराया था और उसने ही अमन साव से मयंक को मिलवाया था।