विदेश में मंत्री, दिल में बिहार: मुजफ्फरपुर के बेटे की भावुक घर वापसी
मुजफ्फरपुर
बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्म और भारत पर लगभग दो सदी तक राज करने वाले देश युनाइटेड किंगडम में आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस विभाग के मंत्री। सुनने में ख्वाब जैसा लगता है पर इसे सच कर दिखाया है कनिष्क नारायण ने। दिल्ली में एआई समिट में इंगलैंड का प्रतिनिधित्व करने आए तो बिहार की धरती पटना खींच लाई। शाही लीची और आम की महक के दीवाने कनिष्क नारायण अपनी जन्मस्थली मुजफ्फरपुर आए हैं जहां से अपनी पहचान बनाने वे मात्र 12 साल की उम्र में दिल्ली के रास्ते लंदन रवाना हुए थे। उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की। 23 साल बाद बिहार पहुंचे कनिष्क प्रदेश की तरक्की और बदली हुई सूरत देखकर वे काफी प्रसन्न हैं। पटना में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने मिथिला संस्कृति में उनका स्वागत किया।
कनिष्क नारायण मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना अंतर्गत छाता चौक के पास रहता है। उनके चाचा जयंत कुमार एसकेजे लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल थे। नवंबर 1989 में मुजफ्फरपुर में जन्मे कनिष्क नारायण ने पढ़ाई की शुरुआत शहर के प्रभात तारा स्कूल से की। उनके पैत्रिक गांव वैशाली ज़िले के गोरौल में है। उनके दादाजी कृष्ण कुमार मुज़फ़्फ़रपुर डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के अध्यक्ष रहे। बाद में परिवार दिल्ली गया और फिर लगभग 12 वर्ष की आयु में वे अपने माता-पिता के साथ इंगलैंड चले गए और वेल्स में जाकर बस गए। ब्रिटेन में उन्होंने कार्डिफ़ के स्कूल में पढ़ाई की और फिर छात्रवृत्ति के आधार पर Eton College में दाख़िला पाया। आगे चलकर उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से राजनीति, दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की। बाद में एमबीए करने अमेरिका चले गए और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ बिजनेश मैनेजमेंट कोर्स किया।
कनिष्क बताते हैं कि वह 18 वर्ष की उम्र में लेबर पार्टी से जुड़ गए। राजनीति में आने से पहले कनिष्क ने ब्रिटिश सिविल सर्विस जॉइन किया। वे कैबिनेट ऑफिस में एडवाइजर के तौर पर सेवा देते रहे। पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में काफी काम किया। 4 जुलाई 2024 को कनिष्क नारायण वेल्स लेबर पार्टी के उम्मीदवार के रूप में सांसद चुने गए। उनकी गिनती वेल्स से चुने जाने वाले पहले भारतीय-मूल के सांसदों में होती है। सितंबर 2025 में उन्हें ब्रिटेन सरकार में एआई और ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री बनाया गया। उन्होंने AI पॉलिसी, ऑनलाइन सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, बौद्धिक संपदा और एमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अहम योगदान दिया।
भारत मंडपम दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में उन्होंने भाग लिया। उन्होंने कहा कि 23 साल बाद बिहार आया तो पाया कि यह राज्य बहुत बदल गया है। राज्य में काफी तरक्की हुई है। मुजफ्फरपुर की लीची और आम का स्वाद उन्हें याद है। अभी तो इसका सीजन नहीं है पर घर के लोगों से मिलने मुजफ्फरपुर आए हैं। स्थानीय एसकेजे लॉ कॉलेज में उन्होंने छात्र छात्राओं के साथ संवाद किया।
