प्रयास करेंगे कि 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के मैच हो उज्जैन में: मुख्यवमंत्री डॉ. यादव
उज्जैन खेलों का हब बनने की ओर है अग्रसर : मुख्यवमंत्री डॉ. यादव
स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा में बनेगा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का हॉकी सिन्थेटिक टर्फ
भविष्य में उज्जैन में भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी होंगे तैयार
प्रयास करेंगे कि 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के मैच हो उज्जैन में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नानाखेडा स्टेडियम में 48.71 करोड़ रुपए की लागत के सिन्थेटिक हॉकी टर्फ एवं अन्य निर्माण कार्यों का किया भूमि-पूजन
उज्जैन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान महाकालेश्वर और गोपाल कृष्ण की हम सभी पर विशेष कृपा है। उनके आशीर्वाद से आज उज्जैन और पूरे प्रदेश के खिलाडियों को सौगात मिलने जा रही है। स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स में निरंतर उज्जैन में विकास के कार्य हो रहे है। खेल केवल मनोरंजन नहीं बल्कि शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम है। खेल अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को उज्जैन में स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा स्टेडियम परिसर में 48.71 करोड रुपए की लागत से बनने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सिन्थेटिक हॉकी टर्फ और पवेलियन दर्शक दीर्घा के निर्माण कार्य के भूमि- पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है एवं विभिन्न जिलों में नए स्टेडियम, खेल परिसर एवं प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उक्त निर्माण कार्य से उज्जैन धीरे-धीरे खेलों का हब बनने की ओर अग्रसर है एवं भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे।
स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा स्टेडियम को देखकर विदेशों में स्थित सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम का स्मरण होता है। क्षीर सागर स्टेडियम में देश के अन्य शहरों के हॉकी खिलाडी आकर प्रदर्शन करते थे। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार यहां हॉकी सिन्थेटिक टर्फ की आवश्यकता थी जो निकट भविष्य में शीघ्र ही पूर्ण होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में इस स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच का आयोजन करवाया जाए। हम सभी ने यह संकल्प लिया था कि प्रतिभाशाली खिलाडियों को उनके हुनर के प्रदर्शन के लिए सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम बनाकर दिया जाए। हॉकी पेवेलियन, एथलेटिक्स पेवेलियन, हॉकी फील्ड के निर्माण साथ-साथ नानाखेडा स्टेडियम परिसर में सड़क निर्माण, पार्किंग, कंपाउंड वॉल इत्यादि कार्य भी सम्मिलित होंगे।
उज्जैन को खेल मैदानों की सौगाते मिल रही है। इसमें सबसे पहले खेल मैदान हेतु 8.71 हेक्टयर (21.77 एकड़) भूमि खेल विभाग एवं खिलाड़ियों की दिलवाई गई। उसके बाद एथलेटिक सिंथेटिक्स ट्रैक जो 7.22 करोड़, लॉब टेनिस सिन्थेटिक मैदान एवं ग्रास से निर्मित फुटबॉल मैदान, राशि रू. 11.43 करोड़ से निर्मित स्व. राजमाता सिंधिया बहुउद्देशीय खेल परिसर जिसमें आधुनिक रूप से निर्मित शूटिंग रेंज, बेडमिंटन हॉल, मल्लखंब, जिम्नेशियम हॉल जिसमें 1.50 करोड़ के उपकरण की सौगात शहरवासियों को दी गयी हैं।
प्रदेश में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियाँ स्थापित की गई हैं। इसी का परिणाम है कि जहां पूर्व वर्षों में एशियन गेम्स और ओलंपिक गेम्स में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी मात्र सहभागिता कर पाते थे, किन्तु वर्तमान में हमारे खिलाड़ी न केवल एशियन गेम्स बल्कि ओलंपिक गेम्स में भी पदक अर्जित कर प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं। उज्जैन से निकलने वाले खिलाडी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में हासामपुरा में भी स्टेडियम बनकर तैयार होगा। यहां कनेक्टिविटी के लिए फोर लेन मार्ग भी बनाए जा रहे है जिससे गांव-गांव के प्रतिभाशाली खिलाडियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होगा। वर्तमान में नजरअली कंपाउंड में बनाए गए स्वीमिंग पूल और अन्य प्रमुख स्वीमिंग पूल के रख-रखाव के लिए खेल विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को नए सिन्थेटिक टर्फ की बधाई दी। साथ ही सभी को रंगपंचमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सभी मिलकर हर्षोल्लास और आनंद के साथ पर्व मनाए।
सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि हम सबके लिए आज बड़े हर्ष का विषय है कि नानाखेड़ा स्टेडियम खेल परिसर में एक और नई सौगात शहरवासियों को मिलने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खेल के क्षेत्र में भी उज्जैन का निरंतर विकास कर रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलों इंडिया कार्यक्रम प्रारंभ किया है। पहले छोटे शहरों, कस्बों और गांवों के खिलाडियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर कम ही मिला करते थे। खेलों इंडिया कार्यक्रम ने इन्हें अपनी प्रतिभा को सभी के समक्ष प्रदर्शित करने का एक सशक्त प्लेटफॉर्म प्रदान किया है। हमारे खिलाडी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मेडल ला रहे है। हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है। इसके साथ अन्य खेलों जैसे बास्केटबॉल, फुटबॉल, तिरंदाजी को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हॉकी विश्वकप में उत्कृट प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की महिला खिलाडियों को एक-एक करोड़ रुपए की राशि से पुरस्कृत किया है। सांसद फिरोजिया ने बतौर जिला हॉकी ऐसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विशेष प्रयासों से आज यह कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। हॉकी के खिलाडियों के लिए निश्चित रूप से यह एक बहुत बडी सौगात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि हॉकी के खिलाडी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बने। खेलों के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाडी देश का नाम विश्व में रौशन करें।
पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती ने कहा कि खिलाडियों की अपेक्षाओं और सपनों को साकार करने का कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विशेष प्रयासों से संपन्न हुआ है। निश्चित रुप से उज्जैन से भी मेजर ध्यानचंद जैसे खिलाडी निकलेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रतिआभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष मती कलावती यादव जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में खेलप्रेमी एवं नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन ज्वलंत शर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन संचालक खेल एवं युवा कल्याण अंशुमन यादव द्वारा किया गया।
