झारखंड में कुदरत का कहर, ओलावृष्टि की आशंका के बीच मौसम विभाग ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी

रांची

झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है. कल भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई और आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान तेज हवा, बारिश और गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है. कई जिलों में मौसम विभाग के द्वारा 8 अप्रैल को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
राज्य के गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि के साथ गर्जन, वज्रपात हो सकती है. इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

9 अप्रैल के लिए पूर्वानुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के द्वारा राज्य के गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ वज्रपात और आंधी चलने की संभावना है. हवा की अधिकतम गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.

सतर्क रहने की सलाह
ओलावृष्टि के दौरान पेड़-पौधों, बागवानी और खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका रहती है. इसके साथ ही खुले स्थानों पर मौजूद लोग और मवेशी भी ओलों की चपेट में आकर घायल हो सकते हैं. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. ओलावृष्टि के समय खुद और जानवरों को छायादार और सुरक्षित जगह पर रखें. आंधी-तूफान के दौरान पेड़, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान होने की संभावना रहती है. इसके साथ ही खुले स्थानों पर बिजली गिरने से लोगों और जानवरों के घायल होने का खतरा भी बना रहता है. इस दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित उपाय है, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और ट्रैवल करने से बचें. बाहर होने की स्थिति में किसी सुरक्षित स्थान पर आश्रय लें, लेकिन पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.

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