अपर मुख्य सचिव रस्तोगी ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सभी विभागों को डैशबोर्ड में जानकारी दर्ज करने का निर्देश दिया

जल गंगा संवर्धन अभियान के सहभागी सभी विभाग डैशबोर्ड में अनिवार्य रूप से दर्ज करें जानकारी : अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी

गंगा संवर्धन अभियान के सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ की बैठक
कार्यों के प्रगति की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

भोपाल 

अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने जल गंगा संवर्धन अभियान के सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। सभी विभागों के नोडल अधिकारियों को रैकिंग के लिए बनाए गए डैशबोर्ड में अनिवार्य रूप से समय पर जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। जिससे अभियान की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्षा जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने तथा पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से प्रदेश में 19 मार्च से “जल गंगा संवर्धन अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान से जुड़े 18 विभागों द्वारा जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन को लेकर विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं, इससे प्रदेश में जल संसाधनों के संरक्षण को नई दिशा मिल रही है।

अपर मुख्य सचिव श्रीमती रस्तोगी ने 19 मार्च से अब तक किए गए कार्यों की विभाग वार प्रगति की समीक्षा कर सभी विभागों को अभियान का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। 

आयुक्त, म.प्र. राज्य रोजगार गारंटी परिषद श्री अवि प्रसाद ने बैठक में सहभागी विभागों के नोडल अधिकारियों से विभागवार प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग के लिए बनाए गए डैश बोर्ड में अनिवार्य रूप से जानकारी दर्ज करें। डैश बोर्ड के माध्यम से अभियान की प्रगति की विभागवार रैंकिंग भी की जाएगी। बैठक में सहभागी विभागों द्वारा अभियान अंतर्गत संचालित की जा रही गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन एवं आवास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्यानिकी, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, राजस्व, संस्कृति और जन अभियान परिषद सहित अन्‍य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।