सहरसा को मिलेगी हवाई उड़ान की सुविधा, आधुनिक एयरपोर्ट निर्माण की तैयारी

सहरसा

अब सहरसा के लोगों का हवाई सेवा सफर का सपना अगले साल हवाई अड्डा अपग्रेडेशन के बाद पूरा हो जाएगा । अगले साल से यहां छोटे और मध्यम आकार के विमान सुरक्षित रूप से उड़ान भर सकेंगे और उतर सकेंगे। इससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी । सहरसा को बिहार व देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में मदद मिलेगी। हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई सम्पर्क से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर बढेगें।

पिछले साल हुआ था सर्वेक्षण :पिछले साल सितंबर महीने में ओएलएस सर्वेक्षण हुआ था। पांच दिनों तक हुए सर्वेक्षण के दौरान सहरसा हवाई अड्डा आसपास के करीब 15 किलोमीटर दूरी तक तीन सदस्यीय टीम के द्वारा सर्वेक्षण किया गया। वैसे ऊंचे भवन, मोबाइल टावर, हाइ टेंशन तारों का मुआयना किया गया जो हवाई जहाज लैंडिंग और उड़ान भरने के दौरान परेशानी का कारण बन सकते हैं। तीन सदस्यीय टीम द्वारा हवाई अड्डा से सटे राय टोला से लेकर बैजनाथपुर व आसपास के कई इलाकों का सर्वेक्षण किया । जनवरी 2025 में सहरसा में प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सहरसा हवाई अड्डे को लेकर घोषणा की गई थी।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जारी टेंडर के अनुसार निर्माण कार्य को 450 दिन (15 महीने) के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवधि में एयरपोर्ट परिसर में आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कर इसे हवाई सेवा संचालन के लिए तैयार किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा कर क्षेत्र के लोगों को जल्द से जल्द हवाई सेवा का लाभ मिलेगा। 1580 स्क्वायर मीटर में दो मंजिला टर्मिनल भवन बनेगा। 165 स्क्वायर मीटर में एटीसी टावर और 451 स्क्वायर मीटर में फायर स्टेशन बनेगा।

1000 मीटर ×30 मीटर का रनवे होगा । एयरपोर्ट परिसर में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे विकसित किए जाएंगे।प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर वाला टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियर्ड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर, प्री-इंजीनियर्ड फायर स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। आधुनिक संरचनाओं के निर्माण से हवाई अड्डा के संचालन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किया जाएगा।

समृद्धि यात्रा में किया था घोषणा
सवा माह पहले समृद्धि यात्रा पर तत्कालीन सीएम नीतीश कुमार के साथ तत्कालीन डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी सहरसा पहुंचे थे। सहरसा स्टेडियम की सभा में सम्राट चौधरी ने घोषणा की थी कि सहरसा हवाई अड्डे के विकास कार्य को एक माह के अंदर टेंडर निकलेगा।उस वादे को मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने पूरा किया है।हवाई अड्डा शुरु होने से सहरसा के अलावा मधेपुरा व आसपास के लाखों आबादी को सुविधा होगी। सुपौल के वीरपुर में भी हवाई सफर को लेकर घोषणा की गई है।

22 अप्रैल को निविदा की गयी है जारी
भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) ने सहरसा हवाई अड्डे के विकास एवं उन्नयन के लिए ईपीसी मोड पर ई-निविदा जारी किया है। यह निविदा हवाई अड्डे को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित करने के लिए जारी किया गया है। परियोजना के तहत सहरसा हवाई अड्डा को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित किया जाएगा। 16 जून को टेंडर खुलेगा। जिसके बाद जिस कंपनी को यह काम मिलेगा वह कार्य शुरू करेगी।

15 महीने में होगा अपग्रेडेशन
हवाई अड्डा अपग्रेडेशन परियोजना की अनुमानित लागत 38.14 करोड़ रुपये और निर्माण कार्य की अवधि 15 महीने तय की गई है। इस परियोजना के तहत एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।