मेडिकल स्टोर खोलने के लिए जरूरी नियम और लाइसेंस की पूरी जानकारी

आज के समय में मेडिकल स्टोर या फार्मेसी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के चलते दवाइयों की मांग तेजी से बढ़ी है. यही वजह है कि कई लोग मेडिकल स्टोर खोलने को एक फायदे का कारोबार मानते हैं. लेकिन यह समझना जरूरी है कि दवा का व्यवसाय किसी सामान्य दुकान की तरह नहीं है, बल्कि यह सीधे लोगों की सेहत से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसके लिए सख्त नियम बनाए गए हैं.

क्या दूसरे के लाइसेंस पर केमिस्ट की दुकान खोली जा सकती है?
भारत में किसी दूसरे व्यक्ति के ड्रग लाइसेंस पर मेडिकल स्टोर या केमिस्ट की दुकान नहीं खोली जा सकती है. यह पूरी तरह से अवैध है. ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के तहत ड्रग लाइसेंस नॉन-ट्रांसफरेबल होता है, यानी यह जिस व्यक्ति और जिस दुकान के नाम पर जारी होता है, वही इसका इस्तेमाल कर सकता है. किसी और के नाम पर लाइसेंस लेकर दुकान चलाना कानूनन अपराध माना जाता है.

लाइसेंस के नियम
ड्रग लाइसेंस हमेशा एक ही दुकान के लिए ही जारी किया जाता है. एक लाइसेंस पर दो या उससे ज्यादा दुकानें नहीं खोली जा सकती हैं. अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है और लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है.

इस बीच हर मेडिकल स्टोर पर एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट का मौजूद होना अनिवार्य है. यह फार्मासिस्ट फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त होना चाहिए और उसका नाम स्टेट फार्मेसी काउंसिल में दर्ज होना जरूरी है. दवाइयों की बिक्री उसी की निगरानी में की जानी चाहिए.

मेडिकल स्टोर खोलने के लिए योग्यता
मेडिकल स्टोर खोलने के लिए फार्मेसी में डिप्लोमा (D. Pharm) या बैचलर इन फार्मा (B. Pharm) जैसी डिग्री जरूरी होती है. यह डिग्री मान्यता प्राप्त संस्थान से होनी चाहिए. बिना इन योग्यताओं के ड्रग लाइसेंस प्राप्त नहीं किया जा सकता.

अगर आपके पास डिग्री नहीं है तो क्या करें?
अगर आपके पास फार्मेसी की डिग्री नहीं है, तब भी आप मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको एक योग्य और लाइसेंस प्राप्त फार्मासिस्ट को हायर करना होगा, जो दुकान के कामकाजी समय में मौजूद होना चाहिए.

नियमों का उल्लंघन पड़ सकता है भारी
किसी और के लाइसेंस पर दुकान चलाना, लाइसेंस किराए पर देना या एक लाइसेंस पर कई दुकानें खोलना गैरकानूनी है. ऐसा करने पर भारी जुर्माना, लाइसेंस रद्द होने और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.