भोपाल-कानपुर 14 घंटे की दूरी अब 7 घंटे में, नया इकोनॉमिक कॉरिडोर बदल देगा सफर का नक्शा

भोपाल

भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले फेस में भोपाल से विदिशा के बीच इस साल के आखिर तक लॉजिस्टिक और इंडस्ट्रियल अधोसंरचना का काम नजर आने लगेगा। नेशनल हाईवे के निर्माणाधीन इस 42 किमी. के हिस्से के पास एमपीआइडीसी ने इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर के तौर पर विकसित करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स होंगी।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण रोड पर काम कर रहा है, जबकि एमपीआइडीसी लॉजिस्टिक हब डेवलपमेंट से जुड़ी गतिविधियां तय करेगा। लॉजिस्टिक हब के तौर पर इसके विकसित होने से भोपाल व विदिशा के बीच छोटे उद्योगों और वेयरहाउसिंग का बड़ा जाल बिछने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश में रोजगार बढ़ेगा।

राजधानी के विकास का रास्ता भी बदलेगा
टाउन प्लानर सुयश कुलश्रेष्ठ के अनुसार अभी शहर का पूरा विकास दक्षिण दिशा यानी नर्मदापुरम रोड व इंदौर रोड की ओर है। इस कॉरिडोर के बनने से ये रायसेन रोड, विदिशा रोड की ओर होगा। विदिशा रोड खुद इकोनॉमिक कॉरिडोर में बदलेगा तो यहां नए प्रोजेक्ट्स नए विकास की स्थितियां बनेंगी। नर्मदापुरम रोड से इसे जोडऩे पहले से ही बायपास है। इंदौर रोड की ओर भी प्रस्तावित पश्चिमी बायपास से जुड़ेगा।

मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश को 6800 करोड़ का तोहफा दिया है। नितिन गडकरी ने 6800 करोड़ के राजमार्गों को तोहफा मध्य प्रदेश को दिया है। इसमें 18 नेशनल हाईवे का निर्माण किया जाएगा। जिसकी कुल लंबाई 550 किमी की होगी। सोमवार को नितिन गडकरी ने इस परियोजना का उद्घाटन किया। इस परियोजना के साथ भोपाल से कानपुर के बीच भोपाल कानपुर इकोनॉमी कोरिडोर का ऐलान किया गया।

भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर
भोपाल-विदिशा-सागर-कानपुर इकोनॉमी कोरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए भोपाल से विदेशा होकर सागर तक और सागर से महोबा जिले तक कवरई होकर कानपुर तक 11300 करोड़ की लागत से इस इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण होगा। इस हाईवे को निर्माण से भोपाल के कानपुर की दूरी 15 घंटे के घटकर 7 घंटे रह जाएगी। इस कॉरिडोर के बनने से भोपाल से कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी की कनेक्लिविटी अच्छी हो जाएगी। वहीं बुंदेलखंड से भोपाल और कानपुर आने-जाने में भी समय बचेगा।

सिर्फ 7 घंटे में भोपाल से कानपुर
इसके अलावा केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश के ओरछा में 6800 करोड़ रुपये की लागत से 550 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 18 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर गडकरी ने कहा कि स्थानीय लोगों की बेतवा में पुल बनाने की दो दशक पुरानी मांग पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि 665 मीटर लंबे इस पुल को 25 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि 2-लेन के पेव्ड शोल्डर ब्रिज और फुटपाथ के निर्माण से ओरछा, झांसी, टीकमगढ़ की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

मंत्री ने कहा कि पवई, ओरछा, हरपालपुर, कैथी पड़रिया कला, पटना तमौली, जस्सो, नागौद और सागर लिंक रोड बाईपास के निर्माण से शहर में यातायात का दबाव कम होगा। सागर ग्रीनफील्ड लिंक रोड से भोपाल से कानपुर की दूरी 21 किमी कम हो जाएगी, मोहरी से सताई घाट और चौका से एमपी/यूपी तक की दूरी भी कम हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि सीमा तक 4 लेन चौड़ा करने से यात्रा के समय में भारी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि सागर सिटी, छतरपुर सिटी और गढ़ाकोटा में फ्लाईओवर बनने से ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान हो जाएगा। गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों ओरछा, खजुराहो, पन्ना, चित्रकूट, टीकमगढ़, सांची तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल-कानपुर आर्थिक कॉरिडोर के निर्माण से सीमेंट और खनिजों का परिवहन आसान होगा और लॉजिस्टिक लागत कम होगी।

मंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के बनने से भोपाल से कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी की कनेक्टिविटी अच्छी होगी, टीकमगढ़ से ओरछा तक पक्की शोल्डर वाली 2 लेन सड़क बनने से यातायात सुरक्षित होगा। इस कार्यक्रम में गडकरी ने 2000 करोड़ रुपये की लागत से बमीठा से सतना तक 105 किलोमीटर लंबी 4 लेन की ग्रीनफील्ड सड़क बनाने की भी घोषणा की। इस सड़क के बनने से टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, खजुराहो, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।