बिहार सरकार का कोचिंग सेंटरों पर शिकंजा, 496 संस्थान आए प्रशासन के रडार पर

भागलपुर.

प्रमंडल के 496 कोचिंग सेंटर पर अब जिला स्तर से निगरानी होगी। इसे लेकर जल्द ही पूरे राज्य में बिहार राज्य कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026’ को लागू करने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और इसे सार्वजनिक सुझाव के लिए विभागीय वेबसाइट पर जारी किया गया है।

शिक्षा विभाग के सर्वे के अनुसार, भागलपुर में 295 और बांका में 201 कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। उनमें भागलपुर में लगभग 32,399 और बांका में 25733 बच्चे पढ़ रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित कानून के तहत राज्य स्तर पर 13 सदस्यीय प्राधिकरण गठित होगा। इसके पदेन अध्यक्ष शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव होंगे। इसके अलावा अन्य पदाधिकारी शामिल रहेंगे। वहीं, जिले में 6 सदस्यीय टीम होगी। उन्होंने बताया कि यह समिति जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण, आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा मानकों और छात्र हितों की निगरानी करेगी। कोचिंग संस्थानों को अनिवार्य रूप से निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।

रैंडम जांच में कई कोचिंग में मिली थी अनियमितता
2023 में पूर्व शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के कार्यकाल में जिले में बड़े स्तर पर कोचिंग संस्थानों की रैंडम जांच कराई गई थी। उस समय 50 से अधिक कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच में बिना निबंधन संचालन, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था की कमी, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होना, शिक्षकों और फीस संबंधी जानकारी प्रदर्शित नहीं करना जैसी कई अनियमितताएं सामने आई थीं। कुछ संस्थानों में सीसीटीवी और उपस्थिति पंजी भी नहीं मिली थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा लगभग आधा दर्जन कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई भी की गई थी तथा कई संचालकों को नोटिस जारी कर सुधार का निर्देश दिया गया था।

पूर्वी बिहार व कोसी सीमांचल के 3803 कोचिंग सेंटर पर कसेगा शिकंजा
पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल के 13 जिलों में कुल 3803 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। वहां करीब 1.88 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। भागलपुर प्रमंडल के भागलपुर में 295, बांका के अलावा जमुई में 238 और मुंगेर में 90 कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। इनमें जमुई में 21,764 और मुंगेर में 7,022 छात्र-छात्राएं कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, कोसी क्षेत्र के खगड़िया में 145, मधेपुरा में 233, सहरसा में 522 और सुपौल में 395 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इन जिलों में सहरसा में 26,014, मधेपुरा में 24,884, सुपौल में 6,779 और खगड़िया में 14,937 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। वहीं, सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया में 598, कटिहार में 577, अररिया में 266 और किशनगंज में 243 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इन जिलों में पूर्णिया में 9,585, कटिहार में 21,840, अररिया में 15,823 और किशनगंज में 10,924 छात्र-छात्राएं कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हैं।