युवाओं को सेवा और संवेदना का पाठ पढ़ाने पर जोर, राज्यपाल पटेल ने दिए अहम संदेश

विद्यार्थियों को रेडक्रॉस के सिद्धांतों से करें संस्कारित: राज्यपाल पटेल

जूनियर और युवक रेडक्रॉस शाखा की समीक्षा बैठक में हुए शामिल
राज्यपाल पटेल ने अपने कारकेड को किया आधा

भोपाल 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि रेडक्रॉस के सिद्धांत बच्चों में सेवा, सद्भाव, करूणा और संवेदनशीलता विकसित करते हैं। उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं। उनका सर्वांगीण विकास कर, उन्हें आदर्श नागरिक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए सक्षम पीढ़ी के निर्माण के लिए शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विद्यार्थियों में रेडक्रॉस की गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। सभी शिक्षण संस्थानों को हर विद्यार्थी को रेडक्रॉस से जोड़ने की ज़िम्मेदारी उठाना चाहिए।

राज्यपाल पटेल सोमवार को रेडक्रॉस की मध्यप्रदेश राज्य शाखा इकाई द्वारा आयोजित जूनियर रेडक्रॉस एवं युवक रेडक्रॉस शाखा की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक का आयोजन होटल पलाश रेसीडेंसी में किया गया। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल पटेल ने ईंधन बचत के दृष्टिगत अपने कारकेड के वाहनों की संख्या को आधा कर दिया है।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान, बच्चों में ज्ञान और संस्कार को प्रदान करने वाली सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। संस्थानों को विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना चाहिए। उन्हें समसामयिक चुनौतियों और जीवन की प्रतिस्पर्धाओं के लिए जुझारू बनाएं। सफलताओं के दबाव और तनाव प्रबंधन से निपटने का हुनर सिखाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में बच्चों और युवाओं का विशेष योगदान रहेगा। ऐसे में विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना होगा। कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील बनाना होगा। आदर्श नागरिक बनाकर मानवता के ध्वजवाहक के रूप में तैयार करना होगा।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान, प्रदेश और जिला रेडक्रास इकाईयों के साथ सक्रिय समन्वय करें। रेडक्रॉस की वार्षिक गतिविधियों का कैलेंडर अनुसार नियमित आयोजन करें। उन्होंने देश के अन्य राज्यों में रेडक्रॉस के नवाचारों का अध्ययन कर प्रदेश की परिस्थिति के अनुरूप समावेश करने की बात कही। राज्यपाल पटेल ने जूनियर और युवक रेडक्रॉस के लिए गठित समिति को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। प्रदेश के सभी जिलों में रेडक्रॉस की गतिविधियों को सक्रियता के साथ संचालित करने के लिए कहा है।

बैठक में जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने रेडक्रॉस के माध्यम से ब्लॉक और पंचायत स्तर पर सेनेटरी नैपकिन को कम दाम पर उपलब्ध कराने के संबंध में विचार के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और निचले स्तर पर कम से कम दामों में सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने से कमजोर वर्ग की महिलाओं को विशेष लाभ मिलेगा। आर्थिक बचत के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य का स्तर भी बेहतर होगा।

उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में जूनियर और युवक रेडक्रॉस की गतिविधियों के सतत आयोजन की बात कहीं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों में भी रेडक्रॉस, एन.सी.सी. और एन.एस.एस. के माध्यम से मिलने वाले प्रोत्साहनों के संबंध में चर्चा की।स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्कूल स्तर पर जूनियर और युवक रेडक्रॉस के पंजीयन, सदस्यता आदि प्रक्रियाओं के लिए सक्रिय समन्वय की आवश्यकता बताई।

राज्यपाल 4 कारकेड वाहनों के साथ पहुँचे

राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर अपने कारकेड के वाहनों की संख्या आधी कर दी है। राज्यपाल पटेल सोमवार को जूनियर और युवक रेडक्रॉस की बैठक में शामिल होने के लिए केवल 4 वाहनों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुँचे। विदित हो कि राज्यपाल के कारकेड में पूर्व में 8 वाहन शामिल रहते थे। 

राज्यपाल पटेल का बैठक के प्रारंभ में रेडक्रॉस की मध्यप्रदेश राज्य शाखा के चेयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। जनरल सेक्रेटरी रामेंद्र सिंह ने जूनियर और युवक रेडक्रॉस के पंजीकरण, शुल्क निर्धारण, वार्षिक ऑडिट, निर्धारित गतिविधियों के आयोजन आदि प्रस्तावों की जानकारी दी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अनुपम राजन और राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उच्च और स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा शासकीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु उपस्थित थे।