ऑनलाइन प्रवचन से जुड़े मामले में बढ़ी मुश्किलें, फोटो-वीडियो की फोरेंसिक जांच जारी

माथुरा

मथुरा के गोवर्धन से गिरफ्तार IIT रुड़की से इंजीनियरिंग कर चुके अभिषेक मिश्रा को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं. ऑनलाइन गीता प्रवचन के जरिए अपनी पहचान बनाने वाले अभिषेक के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन चुके हैं. जांच अधिकारियों के मुताबिक कुछ फोटो और वीडियो ऐसे मिले हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है.

पुलिस के अनुसार, अभिषेक मिश्रा के संपर्क में आने वाली कई युवतियां उच्च शिक्षित थीं. इनमें बीटेक, एमटेक और MBA जैसी पढ़ाई कर चुकी युवतियों के नाम भी सामने आए हैं. आरोप है कि धार्मिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर शुरू हुआ संपर्क धीरे-धीरे भरोसे, भावनात्मक निर्भरता और कथित शोषण में बदलता चला गया. जांच में जुटी टीम मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है.

मोबाइल से मिले फोटो-वीडियो क्यों बने जांच का केंद्र
मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की ओर से कुछ ऐसे फोटो उपलब्ध कराए गए हैं जिनमें आरोपी युवतियों के साथ अंतरंग स्थिति में दिखाई दे रहा है. इन तस्वीरों और वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये सामग्री कब रिकॉर्ड की गई और इसके पीछे की परिस्थितियां क्या थीं. सूत्रों के अनुसार, मोबाइल फोन से मिले डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसका नेटवर्क कितना बड़ा था.

IIT की डिग्री और आध्यात्मिक छवि का असर
जांच के दौरान सामने आया है कि अभिषेक मिश्रा ने IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि उसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और बोलने की शैली ने कई युवाओं को प्रभावित किया. वह ऑनलाइन माध्यम से भगवद्गीता और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा करता था, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग उससे जुड़ते गए. आरोप है कि इसी भरोसे का इस्तेमाल कर वह कुछ लोगों को अपने करीब लाने में सफल रहा. पुलिस का कहना है कि इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में पढ़ी-लिखी युवतियां उसके साथ रहने के लिए गोवर्धन पहुंचीं.

गंधर्व विवाह का दावा और गंभीर आरोप
मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अभिषेक मिश्रा ने उसे यह विश्वास दिलाया कि दोनों का 'गंधर्व विवाह' हो चुका है. पुलिस के मुताबिक इसी आधार पर शारीरिक संबंध बनाए जाने का आरोप लगाया गया है. पीड़िता के बयान के बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इसी तरह के दावे अन्य लोगों के सामने भी किए गए थे.

परिवारों से पैसे मंगवाने के आरोप
पुलिस जांच में एक और पहलू सामने आया है. अधिकारियों के मुताबिक कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि समूह में रहने वाले युवक-युवतियों के परिवारों से आर्थिक मदद मंगवाई जाती थी. यह भी जांच का विषय है कि क्या भावनात्मक दबाव बनाकर पैसे मंगवाए गए थे. फिलहाल पुलिस बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है.

पहले भी पहुंच चुके थे परिजन
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि करीब छह महीने पहले कुछ परिजन अपनी बेटी को वहां से वापस ले जाने पहुंचे थे. उस समय भी विवाद की स्थिति बनी थी. हालांकि मामला ज्यादा आगे नहीं बढ़ा, लेकिन अब पुलिस उस पूरे घटनाक्रम को भी दोबारा खंगाल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय वहां दो दर्जन से ज्यादा युवक-युवतियां आते-जाते थे. बाद में अधिकांश लोग वहां से अलग हो गए. पुलिस अब यह समझने का प्रयास कर रही है कि आखिर इसके पीछे क्या वजह थी. पुलिस कार्रवाई के दौरान दो युवतियों और एक युवक को वहां से रेस्क्यू किया गया था. बाद में उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि सभी की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें.

अभी कई सवालों के जवाब बाकी
अभिषेक मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऑनलाइन प्रवचन से शुरू हुई यह कहानी इतने गंभीर आरोपों तक कैसे पहुंची. मोबाइल फोन से मिले डेटा, फोटो-वीडियो, कथित आर्थिक लेन-देन और पीड़ितों के बयानों के आधार पर पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने का दावा कर रही है. फिलहाल जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.