वोटर लिस्ट सुधार अभियान तेज: SIR में जानें कैसे होगा नाम जोड़ने और हटाने का काम

नई दिल्ली
देश के इलेक्शन कमिशन की ओर से चलाए जा रहे SIR (स्पेशल इंटेसिव रिवीजन) अभियान का मकसद वोटर लिस्ट को सही, पारदर्शी और अपडेट करना है। इसके तहत यह देखा जा रहा है कि कहीं कोई सही और पात्र वोटर इस लिस्ट से छूट न जाए और कोई भी गलत या अपात्र वोटर इसमें शामिल न हो जाए। दिल्ली जैसे शहर में यह काम और भी अहम हो जाता है क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से आकर रहते है। एनसीआर और आसपास के शहरों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद आदि से लोग यहां आकर रहते है। जॉब, पढाई या कारोबार की वजह से भी लोग अक्सर घर बदलते है। ऐसे में समय के साथ वोटर लिस्ट में गलतियां, डुप्लिकेट नाम या पुराने रिकॉर्ड बने रह सकते है। SIR का मकसद इन्हीं कमियों को दूर करना है।

SIR की प्रक्रिया एक नजर में
कर्मचारियों की ट्रेनिंग: 20 जून से 29 जून तक
BLO घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे: 30 जून से 29 जुलाई तक
पहली वोटर लिस्ट जारी: 5 अगस्त
नाम जोड़ने और सुधार का मौका: 5 अगस्त से 4 सितंबर तक
नोटिस और शिकायतों की जांच: 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक
अंतिम वोटर लिस्ट जारी: 7 अक्तूबर
नोट: दिल्ली के साथ यही तारीखे कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र और झारखंड की है।
क्या करना है आपको?
जब तक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर पर दस्तक नहीं देता, तब तक यह पता कर सकते हैं कि आपका नाम 2002 की दिल्ली की वोटर लिस्ट में है या नहीं। इस पूरे अभियान में 2002 की वोटर लिस्ट की अहम आधार माना गया है। लिस्ट में अपना नाम देखने के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट ceodelhi.gov.in पर जाएं। वेबसाइट में दिल्ली मतदाता सूची 10.01.2002 को

    प्रकाशित (गहन संशोधन, 2002) में नाम तलाशें। इसके अलावा ये जानकारियां तैयार रखेंः
    विधानसभा क्षेत्र का नाम और नंबर
    वोटर आईडी की डिटेल्स
दस्तक से असली काम शुरू
    अभियान के तहत 30 जून से बीएलओ पूरी दिल्ली में घर-घर आकर वेरीफिकेशन करेंगे।
    वे घर आकर गणना प्रपत्र (एनुमरेशन फॉर्म) के दो सेट देंगे। भरकर एक फॉर्म वापस देना है, और दूसरा अपने पास रखना होगा
    चाहें तो इसे नागरिक सेवा पोर्टल voters.eci gov.in पर भरकर भी जमा कर सकते हैं।
    शुरुआती चरण में डॉक्युमेंट्स की जरूरत नहीं।
    अगर 2002 की वोटर लिस्ट में जानकारियां हैं तो बिना परेशानी आपका नाम इसमें दर्ज हो जाएगा।

तीन बार होगी घर पर दस्तक
    अगर बीएलओ पहली बार आए और घर बंद मिले तो आपका नाम कट नहीं जाएगा।
    बीएलओ कम से कम तीन बार आपके घर आएगा।
    हर बार सूचना छोड़ सकता है।
    जरूरत पड़ने पर आसपास के लोगों से भी जानकारी ली जा सकती है।
    इसलिए अगर जॉब या किसी दूसरी वजह से दिनभर घर से बाहर रहते हैं तो फैमिली या पड़ोसियों को पहले से बता दें।

नाम है, नहीं है या बाहर से आए हैं तो…
    अगर नाम है: अगर आपका नाम 2002 की दिल्ली वोटर लिस्ट में है तो कोई परेशानी की बात ही नहीं। फॉर्म में यही बताने से आपका नाम दर्ज हो जाएगा।
    अगर नाम नहीं है: अगर आपका नाम नहीं है, लेकिन माता-पिता, दादा-दादी या किसी रिश्तेदार का नाम लिस्ट में है तो उनके नाम और जानकारी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
    2002 के बाद आए है: दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों से आकर रह रहे है। ऐसे में उनके नाम दिल्ली की 2002 वाली लिस्ट में नहीं होंगे। ऐसे वोटर अपने पुराने राज्य की 2002, 2003 या 2005 की वोटर लिस्ट में

मौजूद ये जानकारियां तैयार रखें
    पैरेंट्स का नाम
    राज्य का नाम
    विधानसभा क्षेत्र की जानकारी
    वोटर आईडी की डिटेल्स

डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत कब पड़ेगी
अगर आपका नाम या माता-पिता/रिश्तेदारों की डिटेल्स दिल्ली की 2002 की वोटर लिस्ट या किसी दूसरे राज्य की 2002, 2003 या 2005 की वोटर लिस्ट में भी नहीं मिलतीं तो कुछ डॉक्यूमेंट्स मंगे जा सकते हैं। ऐसे मामलों में वेरीफिकेशन किया जा सकता है और चुनाव अधिकारियों की ओर से स्क्रूटनी के बाद ही फैसला लिया जाएगा।

ये डॉक्यूमेंट्स मांगे जा सकते हैं
    सरकारी कर्मचारी या पेशनर का
    पहचान पत्र/PPO1 जुलाई 1987 से
    पहले सरकारी संस्था, बैंक, डाकघर, LIC या PSU से जारी पहचान पत्र या सर्टिफिकेट
    बर्थ सर्टिफिकेट
    पासपोर्ट
    10वी या अन्य प्रमाण
    पत्र स्थायी निवास प्रमाण पत्र वन
    अधिकार प्रमाण पत्र
    OBC, SC/ST अन्य जाति प्रमाण पत्र
    NRC का रिकॉर्ड (जहां लागू हो)
    परिवार रजिस्टर
    सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान
    आवंटन प्रमाण पत्र
    आधार कार्ड

ASDDF की स्थिति में कटेगा नाम
A-Absent (अनुपस्थित): वह शख्स उस पते पर नहीं रहता और उसका पता भी नहीं चल पा रहा।
S-Shifted (दूसरी जगह जाना): वह शख्स परमानेंट शिफ्ट कर चुका है।
D-Dead (मृत्यु): उस शख्स की मृत्यु हो चुकी हो
D-Duplicate (डुप्लिकेट): एक ही शख्स का नाम एक से ज्यादा बार दर्ज है।
F-Foreign (विदेशी): यह शख्स भारतीय नागरिक नहीं है
5 अगस्त के बाद आपका सबसे अहम रोल
घर-घर वेरीफिकेशन और फॉर्म भरने व जमा कराने की प्रक्रिया के बाद सबसे अहम तारीख होगी 5 अगस्त क्योंकि इस दिन मसौदा वोटर लिस्ट जारी होगी। यहीं से आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगा। मसौदा लिस्ट आने के बादः

5 अगस्त के बाद आपका सबसे अहम रोल
घर-घर वेरीफिकेशन और फॉर्म भरने व जमा कराने की प्रक्रिया के बाद सबसे अहम तारीख होगी 5 अगस्त क्योंकि इस दिन मसौदा वोटर लिस्ट जारी होगी। यहीं से आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगा। मसौदा लिस्ट आने के बादः

    अपना नाम जरूर चेक करें। इसके लिए voters.eci.gov.in में मतदाता सूची डाउनलोड करने के ऑप्शन में जाना होगा।
    नाम, पता और दूसरी जानकारियां मिलाएं।
    कोई गलती हो तो सुधार के लिए आवेदन करें।
    नाम गायब हो तो दावा दर्ज कराएं।
    नोटः 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावा और आपत्ति यानी नाम न होने पर उसे जोड़ने या कोई गलती होने पर उसे सुधारने के लिए आवेदन कर सकते है।

नाम नहीं या गलती है तो…
    voters.eci.gov.in में शिकायत दर्ज करें। सुझाव साझा करें का ऑप्शन मिलेगा। इसमें जाने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर/ईमेल आईडी /एपिक नंबर के जरिए इसे सही करा सकते है।
    अपने बीएलओ से बात कर सकते हैं।
7 अक्टूबरः फाइनल लिस्ट
7 अक्टूबर को फाइनल लिस्ट होगी, जो वोटर सेंटर पर मिलेगी। इसके अलावा वेबसाइट ceodelhi. gov.in पर भी देख सकते है। अगर फाइनल लिस्ट में भी नाम नहीं दिखता तो 15 दिनों में जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) या जिला मजिस्ट्रेट (DM) के पास अपील कर सकते हैं।

अगर होंगे 18 साल के
1 अक्टूबर 2026 तक 15 साल के होने वाले युवा भी मतदाता बन सकेंगे। ऐसे युवाओं को एनुमरेशन फॉर्म नहीं दिया जाएगा। वे अब पहली वोटर लिस्ट जारी होने के बाद फॉर्म-6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए आवेदन कर पाएंगे। ceodelhi.gov.in पर आवेदन करेंगे।
बिलकुल डरें नहीं
सिर्फ इसलिए कि आपने कोई डॉक्यूमेंट जमा नहीं किया या BLO पहली बार मिलने नहीं आया, आपका नाम नहीं हटाया जाएगा। अगर किसी मामले में संदेह होता है तो पहले जांच होगी, फिर जरूरत पड़ने पर नोटिस जारी किया जाएगा। वोटर को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।