ग्रामोद्योग सचिव राजेश सिंह राणा ने किया छत्तीसगढ़ रेशम सेतु का निरीक्षण
रायपुर
रेशम उत्पादक महिला समूहों को मिलेगा उचित मूल्य, उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने की पहल
ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने रायपुर में नवस्थापित छत्तीसगढ़ रेशम सेतु का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महासमुंद, धमतरी, जांजगीर-चांपा एवं रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों के महिला धागाकरण समूहों और कोसा धागा व्यापारियों से चर्चा कर रेशम उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सचिव राणा ने कहा कि रेशम सेतु की स्थापना से महिला समूहों द्वारा उत्पादित रेशम धागे को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सकेगा। साथ ही व्यापारियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण धागा उपलब्ध होगा, जिससे परिवहन खर्च और समय की बचत होगी।
बैठक में महिला समूहों ने कोसाफल की बढ़ती कीमतों और धागे का उचित विक्रय मूल्य नहीं मिलने की समस्या रखी। सचिव राणा ने समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि महिला समूहों द्वारा तैयार अहिंसा सिल्क को अमारी रेशम ब्रांड के नाम से भी बेचा जा रहा है। साथ ही रेशम सेतु में विभिन्न जिलों के महिला समूहों द्वारा तैयार रेशम धागों को अलग-अलग ब्रांड नामों से पहचान दी गई है। इसके अंतर्गत रायगढ़ का फॉरेस्ट गोल्ड सिल्क, सरगुजा का महामाया सिल्क, महासमुंद का खल्लारी सिल्क तथा जांजगीर-चांपा का चांपा सिल्क सहित अन्य जिलों के उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को रेशम उत्पादकों एवं व्यापारियों को ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। इस पहल से प्रदेश में रेशम उद्योग को मजबूती मिलने के साथ महिला समूहों के स्वरोजगार और आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।
