25 मई तक किए जा सकेंगे आवेदन
भोपाल
विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के उच्च् शिक्षा विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत सत्र 2026-27 (जनवरी से जून 2026) के लिए पात्र विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
यह योजना विशेष रूप से अनारक्षित वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से उन्हें स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर विदेश में अध्ययन हेतु राज्य सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। आवेदन प्रक्रिया 11 मई से प्रारंभ हो चुकी है और 25 मई 2026 शाम 6 बजे तक आवेदन जमा किए जा सकेंगे।
हर वर्ष 20 विद्यार्थियों को मिलता है लाभ
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित यह छात्रवृत्ति योजना प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष कुल 20 छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। इनमें जनवरी से जून सत्र के लिए 10 और जुलाई से दिसंबर सत्र के लिए 10 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है। उपलब्ध आवेदनों और पात्रता के आधार पर चयन समिति अंतिम निर्णय लेती है।
इन विद्यार्थियों को मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना का लाभ केवल मध्यप्रदेश के मूल निवासी अनारक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। आवेदक का कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा मध्यप्रदेश स्थित विद्यालयों से उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक और पीएचडी के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर उपाधि आवश्यक है।
आवेदन के लिए आयु सीमा भी निर्धारित की गई है। स्नातकोत्तर अध्ययन के लिए अधिकतम आयु 30 वर्ष और पीएचडी के लिए 35 वर्ष रखी गई है। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही आवेदक किसी प्रकार के रोजगार में कार्यरत नहीं होना चाहिए।
QS टॉप-500 विश्वविद्यालयों में ही अध्ययन की अनुमति
योजना की एक महत्वपूर्ण शर्त यह है कि छात्र केवल उन्हीं विदेशी विश्वविद्यालयों में अध्ययन के लिए पात्र होंगे जो क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (QS World University Rankings) की वैश्विक सूची के शीर्ष 500 संस्थानों में शामिल हों। यह रैंकिंग विश्व के विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, प्रतिष्ठा और वैश्विक मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। संबंधित विश्वविद्यालय से प्रवेश अथवा ऑफर लेटर प्राप्त होना भी अनिवार्य है। छात्र को स्वयं अपने प्रयासों से स्टूडेंट वीजा प्राप्त करना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि छात्रवृत्ति वास्तव में गुणवत्तापूर्ण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के लिए उपयोग हो।
मिलेगी व्यापक आर्थिक सहायता
यह योजना व्यापक वित्तीय सहयोग प्रदान करती है। राज्य सरकार शिक्षण शुल्क, वीजा शुल्क, बीमा प्रीमियम, इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा और अन्य आवश्यक शैक्षणिक व्यय वहन करेगी। योजना के तहत अधिकतम 40 हजार अमेरिकी डॉलर (लगभग 36 लाख रुपये) तक की सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें 38 हजार अमेरिकी डॉलर तक शिक्षण एवं संबंधित व्यय तथा 2 हजार अमेरिकी डॉलर, पुस्तकें, शोध सामग्री, उपकरण और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए निर्धारित हैं।
शिक्षण शुल्क सीधे संबंधित विश्वविद्यालय को भेजा जाएगा, जबकि अन्य अनुमन्य व्यय विद्यार्थियों के बैंक खातों में जमा किए जाएंगे।
मेरिट पर आधारित होगी चयन प्रक्रिया
विद्यार्थियों का चयन 100 अंकों की मेरिट प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। इसमें शैक्षणिक योग्यता, चयनित विश्वविद्यालय की QS रैंकिंग और साक्षात्कार को आधार बनाया जाएगा। उच्च रैंकिंग वाले विश्वविद्यालयों के लिए अधिक अंक निर्धारित किए गए हैं।
पहले परीक्षण समिति आवेदन पत्रों की जांच कर पात्र उम्मीदवारों की सूची तैयार करेगी। इसके बाद चयन समिति साक्षात्कार लेकर अंतिम सूची जारी करेगी। यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो आयु में वरिष्ठ उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।
नियमों का पालन अनिवार्य
योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना आवश्यक होगा। योजना के प्रावधानों के अनुरूप अध्ययन पूर्ण करने तथा आवश्यक सूचनाएं समय-समय पर उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई है। किसी विशेष परिस्थिति में नियमों के उल्लंघन या अपूर्ण जानकारी पाए जाने पर शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए चयनित विद्यार्थियों से आवश्यक बंधपत्र भी लिया जाएगा।
विदेश में पढ़ाई के दौरान, नियमित निगरानी
छात्रवृत्ति प्राप्त विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर उच्च शिक्षा विभाग नियमित नजर रखेगा। संबंधित विश्वविद्यालयों से समय-समय पर प्रगति प्रतिवेदन प्राप्त किए जाएंगे। यदि प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया तो छात्रवृत्ति समाप्त की जा सकती है।
पीएचडी शोधार्थियों के लिए शोध प्रगति रिपोर्ट देना अनिवार्य होगा। इससे योजना की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
आवेदन कैसे करें
इच्छुक विद्यार्थी आवेदन पत्र स्वयं, वाहक, डाक अथवा स्पीड पोस्ट के माध्यम से कार्यालय आयुक्त, उच्च शिक्षा, सतपुड़ा भवन, भोपाल में निर्धारित समय सीमा तक जमा कर सकते हैं। योजना की विस्तृत मार्गदर्शिका और आवेदन पत्र उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
पात्रता एक नजर में
- मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य
- अनारक्षित वर्ग के छात्र-छात्राएं पात्र
- 10वीं और 12वीं मध्यप्रदेश से उत्तीर्ण
- न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक
- परिवार की आय 8 लाख रुपये से कम
- स्नातकोत्तर हेतु आयु 30 वर्ष तक
- पीएचडी हेतु आयु 35 वर्ष तक
- QS टॉप-500 विश्वविद्यालय में प्रवेश/ऑफर लेटर आवश्यक
आर्थिक सहायता में क्या मिलेगा
- शिक्षण शुल्क
- वीजा शुल्क
- बीमा प्रीमियम
- हवाई यात्रा व्यय
- पुस्तकें और शोध सामग्री
- अधिकतम 40,000 अमेरिकी डॉलर तक सहायता
- महत्वपूर्ण तिथियां
- आवेदन प्रारंभ: 11 मई 2026
- अंतिम तिथि: 25 मई 2026, शाम 6 बजे
- आवेदन स्थान: आयुक्त, उच्च शिक्षा कार्यालय, सतपुड़ा भवन, भोपाल
